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Thursday, October 13, 2016

Inconvenience is Deeply Regretted

“भैया ये कटलेट तो ठंडे हैं। तुम गर्म कटलेट क्यों नहीं रखते?“ मैने पैंट्री के स्टाफ से पूछा।

पैंट्री के स्टाफ ने निर्विकार भाव से कहा, “साहब, ये कटलेट कल के हैं। पहले कल वाले बिक जाएँ तभी तो आज ताजे बनेंगे।“

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